रात के 12 बज गए, कल सुबह ऑफ़िस या कॉलेज है, पर आप अब भी बिस्तर पर लेटे रील्स देख रहे हैं। सोचते हैं "बस पाँच मिनट और", और फिर एक घंटा निकल जाता है। अगर आप भी सोचते हैं कि अच्छी नींद के लिए क्या करें, तो जवाब किसी जादुई नुस्ख़े में नहीं, बल्कि रात की कुछ छोटी आदतों में है।
30 सेकंड में सार
- पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी की एक समीक्षा ने नींद की स्वच्छता की आम सलाहों — नियमित समय, कैफ़ीन, शराब, व्यायाम और सोने का माहौल — के सबूतों को परखा (Irish et al., University of Pittsburgh, 2015)।
- वालेंसिया यूनिवर्सिटी की स्टडी में समस्याग्रस्त स्मार्टफ़ोन इस्तेमाल का संबंध ख़राब नींद से मिला, और इसमें सोने को टालने की आदत (बेडटाइम प्रोक्रैस्टिनेशन) की भूमिका दिखी (Correa-Iriarte et al., Universitat de València, 2023)।
- यानी समस्या अक्सर नींद में नहीं, सोने से पहले के आख़िरी घंटे में होती है।
अच्छी नींद के लिए क्या करें: रिसर्च क्या कहती है
लिसा आयरिश और उनके साथियों ने नींद की स्वच्छता की हर सलाह को अलग-अलग जाँचा: नियमित समय, कैफ़ीन, शराब, व्यायाम और सोने का माहौल। ये सलाहें कोई दवा नहीं हैं, बल्कि रोज़ की छोटी-छोटी आदतें हैं, और आदतें तभी असर दिखाती हैं जब उन्हें रोज़ दोहराया जाए।
यही वजह है कि नींद सुधारना एक "आदत" का सवाल है। अगर आप अपनी आदतों को ऐप में दर्ज करना चाहते हैं, तो पहले हमारी हैबिट ट्रैकर ऐप्स की तुलना देख सकते हैं।
मोबाइल और नींद का रिश्ता
स्पेन की वालेंसिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने देखा कि जो लोग स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल ज़्यादा समस्याग्रस्त ढंग से करते हैं, उनकी नींद की गुणवत्ता कम थी। इसका एक बड़ा कारण था "बस एक वीडियो और" वाली आदत, यानी सोने के समय को टालते जाना।
अगर आपको भी यही दिक़्क़त है, तो फ़ोन के इस्तेमाल पर डिजिटल मिनिमलिज़्म वाला लेख मदद कर सकता है।
रात की 6 आसान आदतें
- सोने-उठने का एक तय समय। वीकेंड पर भी लगभग वही समय रखें। देर रात की शादियों या त्योहारों के बाद धीरे-धीरे लौटें; दिवाली के बाद दिनचर्या सुधारने के तरीक़े यहाँ भी काम आते हैं।
- फ़ोन बिस्तर से दूर। सोने से 30 मिनट पहले फ़ोन चार्जिंग पर दूसरे कमरे में रख दें। अलार्म के लिए सस्ती घड़ी काफ़ी है।
- शाम के बाद चाय-कॉफ़ी कम। शाम 5 बजे के बाद की चाय को धीरे-धीरे हर्बल चाय या गुनगुने दूध से बदलें।
- रात का खाना जल्दी और हल्का। देर रात भारी खाना नींद को बेचैन कर सकता है।
- कमरा अंधेरा, ठंडा और शांत। परदे खींचें, पंखा या एसी आरामदायक तापमान पर रखें।
- सोने से पहले एक "शटडाउन" रस्म। ब्रश करना, कल के कपड़े निकालना, दो पन्ने पढ़ना। हर रात एक ही क्रम दिमाग़ को संकेत देता है कि अब सोने का समय है।
रात की अच्छी नींद अगली सुबह की शुरुआत भी आसान बनाती है। इसके लिए सुबह की दिनचर्या वाला लेख भी पढ़ें।
TrakBit से रोज़ का रिकॉर्ड कैसे मदद करता है
नींद की आदतें तब टिकती हैं जब आप उन्हें रोज़ देख सकें। TrakBit हैबिट ट्रैकर में "11 बजे फ़ोन दूसरे कमरे में" या "शाम 5 के बाद चाय नहीं" जैसी आदत बनाइए और रोज़ टिक कीजिए। कुछ हफ़्तों में पता चल जाएगा कि किन दिनों आदत टूटती है, जैसे क्रिकेट मैच वाली रातें।
हर आदत के लिए आराम के दिन तय किए जा सकते हैं; उन दिनों आपकी स्ट्रीक नहीं टूटती। लेकिन जो दिन आराम का नहीं है, उस दिन आदत छूटने पर स्ट्रीक टूट जाती है। इसलिए शुरू में ही ईमानदारी से आराम के दिन तय करें।
निष्कर्ष
अच्छी नींद के लिए सबसे ज़रूरी है सोने से पहले का आख़िरी घंटा। तय समय, फ़ोन से दूरी और एक छोटी-सी रात की रस्म — इन्हें रोज़ दोहराइए।
आज रात से शुरुआत करना चाहते हैं? TrakBit में अपनी पहली नींद की आदत दर्ज करें।
स्रोत
- Irish, L. A., Kline, C. E., Gunn, H. E., Buysse, D. J., Hall, M. H. (2015). The role of sleep hygiene in promoting public health: A review of empirical evidence. Sleep Medicine Reviews, 22, 23-36. https://doi.org/10.1016/j.smrv.2014.10.001
- Correa-Iriarte, S., Hidalgo-Fuentes, S., Martí-Vilar, M. (2023). Relationship between Problematic Smartphone Use, Sleep Quality and Bedtime Procrastination: A Mediation Analysis. Behavioral Sciences, 13(10), 839. https://doi.org/10.3390/bs13100839
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अच्छी नींद के लिए क्या करें? रोज़ लगभग एक ही समय पर सोएँ और उठें, सोने से पहले फ़ोन दूर रखें, शाम के बाद चाय-कॉफ़ी कम करें और कमरे को अंधेरा व शांत रखें। ये नींद की स्वच्छता (स्लीप हाइजीन) की आम सलाहें हैं।
रात को नींद न आए तो क्या करें? बिस्तर पर लेटे-लेटे फ़ोन चलाने के बजाय हल्की रोशनी में कुछ शांत काम करें और नींद आने पर ही बिस्तर पर लौटें। अगर कई हफ़्तों तक नींद की दिक़्क़त बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें।
क्या सोने से पहले मोबाइल चलाना नींद ख़राब करता है? स्पेन की वालेंसिया यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में समस्याग्रस्त स्मार्टफ़ोन इस्तेमाल का संबंध ख़राब नींद से पाया गया, और इसमें सोने को टालते रहने की आदत की भूमिका दिखी।
रात की नई आदत कितने दिन में बनती है? हर व्यक्ति और आदत के हिसाब से अलग। ज़रूरी यह है कि आदत रोज़ एक ही समय और एक ही क्रम में हो, ताकि वह अपने आप होने लगे।