30 सेकंड में मुख्य बातें
- लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज (UCL) के शोधकर्ताओं ने डॉक्टरों को सलाह दी कि मरीज़ों को सिर्फ़ "क्या करना है" नहीं, बल्कि "आदत कैसे बनानी है" भी बताएँ (Gardner et al., 2012)।
- उनका सुझाव: एक आसान काम चुनें और उसे रोज़ एक ही समय या जगह पर दोहराएँ (Gardner et al., 2012)।
- UCL के ही एक अध्ययन में नई आदत के अपने-आप होने लगने में मीडियन 66 दिन लगे, 18 से 254 दिन की रेंज के साथ (Lally et al., 2010)।
- एक दिन छूटने से आदत बनने की प्रक्रिया पर ख़ास असर नहीं पड़ा (Lally et al., 2010)।
डॉक्टर कहते हैं: "रोज़ टहलिए, पानी ज़्यादा पीजिए, मीठा कम कीजिए।" हम सिर हिलाते हैं, घर आते हैं, और दो हफ़्ते बाद सब पहले जैसा हो जाता है। समस्या जानकारी की नहीं है। समस्या यह है कि सलाह को रोज़ की आदत कैसे बनाएँ। अच्छी बात यह है कि इस पर भी शोध हुआ है।
डॉक्टर सेहत की आदतों के बारे में क्या सुझाते हैं?
2012 में UCL के बेंजामिन गार्डनर, फ़िलिपा लैली और जेन वार्डल ने British Journal of General Practice में एक लेख लिखा। यह लेख डॉक्टरों के लिए था, लेकिन इसकी बात हम सबके काम की है।
उनका तर्क सीधा है: सेहत से जुड़ी ज़्यादातर सलाह ऐसे बदलाव माँगती है जिन्हें सालों तक निभाना पड़ता है। अगर हर बार सोच-समझकर और इच्छाशक्ति से करना पड़े, तो वे लंबे समय तक नहीं टिकते। लेकिन अगर कोई काम रोज़ एक ही स्थिति में दोहराया जाए, तो धीरे-धीरे वह बिना सोचे होने लगता है, यानी आदत बन जाता है।
इसके लिए उन्होंने आसान कदम बताए: एक लक्ष्य चुनें, उसके लिए एक छोटा काम चुनें, तय करें कि कब और कहाँ करेंगे, और हर बार उसी स्थिति में करें। रिकॉर्ड रखने के लिए कई लोग ऐप का इस्तेमाल करते हैं; कौन-सा चुनें, यह जानने के लिए हमारी सूची देखें: सबसे अच्छे हैबिट ट्रैकर ऐप।
सेहत की कौन-सी छोटी आदतें शुरुआत के लिए अच्छी हैं?
ये आदतें छोटी हैं, किसी तय पल से जुड़ सकती हैं और ज़्यादातर लोगों के लिए आसान हैं:
- सुबह की चाय से पहले एक गिलास पानी। चाय तो रोज़ बनती ही है, वही आपका संकेत है।
- रात के खाने के बाद 10 मिनट टहलना। घर के आसपास या छत पर। रोज़ पैदल चलना सेहत के लिए क्यों मायने रखता है, इस पर हमने अलग से लिखा है।
- दाल-रोटी के साथ एक कटोरी सब्ज़ी या सलाद। हर बार खाने की थाली लगाते समय।
- ब्रश करने के बाद 2 मिनट स्ट्रेचिंग।
- सोने से आधा घंटा पहले फ़ोन चार्जिंग पर, बिस्तर से दूर।
ध्यान दें: अगर आपको कोई बीमारी है या दवा चल रही है, तो खान-पान या व्यायाम में बड़ा बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें।
नई आदत बनने में कितना समय लगता है?
2010 में UCL की फ़िलिपा लैली और साथियों ने 96 लोगों से कहा कि वे रोज़ एक नया काम एक तय समय पर करें, जैसे दोपहर के खाने के साथ पानी की बोतल पीना या रात के खाने से पहले 15 मिनट दौड़ना। 12 हफ़्ते तक हर दिन उन्होंने बताया कि वह काम कितना "अपने-आप" होने लगा है।
आदत के अपने-आप होने का स्तर शुरुआत में तेज़ी से बढ़ा, फिर धीमा हुआ और मीडियन 66 दिनों में स्थिर हो गया। लेकिन रेंज 18 से 254 दिन तक थी। आसान काम जल्दी आदत बने, मेहनत वाले काम देर से। और एक बार चूकने से प्रक्रिया पर ख़ास असर नहीं पड़ा।
इसलिए "21 दिन में आदत" वाली बात पर भरोसा करने के बजाय दो से तीन महीने का धैर्य रखें।
आदत को आसान कैसे बनाएँ?
1. बहुत छोटा शुरू करें। "रोज़ एक घंटा योग" की जगह "रोज़ 5 मिनट योग"। टाइनी हैबिट्स तरीका इसी सोच पर आधारित है।
2. एक तय संकेत से जोड़ें। "जब मैं सुबह की चाय बनाऊँगा, तब पहले एक गिलास पानी पीऊँगा।"
3. सुबह की दिनचर्या में जगह बनाएँ। ज़्यादातर लोगों के लिए सुबह का समय सबसे स्थिर होता है। कुछ विचारों के लिए पढ़ें: सुबह की दिनचर्या की आदतें।
4. एक बार में एक आदत। जब पहली आदत बिना सोचे होने लगे, तब दूसरी जोड़ें।
रोज़ दर्ज करना कैसे मदद करता है: TrakBit के साथ
दो-तीन महीने तक किसी आदत को याद रखना मुश्किल है, और याददाश्त अक्सर हमें ज़्यादा श्रेय दे देती है। TrakBit हैबिट ट्रैकर में आप "चाय से पहले पानी" या "खाने के बाद टहलना" जैसी आदतें जोड़कर हर दिन एक टैप में दर्ज कर सकते हैं और हफ़्ते-महीने का इतिहास देख सकते हैं।
स्ट्रीक के बारे में पहले से जान लें: TrakBit में स्ट्रीक सिर्फ़ उन्हीं आराम के दिनों में बनी रहती है जो आपने उस आदत के लिए पहले से तय किए हैं। किसी सामान्य दिन चूकने पर स्ट्रीक टूट जाती है। अगर रविवार को टहलना नहीं हो पाता, तो शुरू से ही रविवार को आराम का दिन रखें।
निष्कर्ष
सेहत की अच्छी आदतें बड़ी योजनाओं से नहीं, छोटे और दोहराए जाने वाले कामों से बनती हैं। एक काम चुनें, उसे किसी तय पल से जोड़ें, दो-तीन महीने का धैर्य रखें और हर दिन दर्ज करें। आज रात ही अपनी पहली आदत TrakBit में जोड़कर शुरुआत करें।
स्रोत
- Gardner, B., Lally, P., & Wardle, J. (2012). Making health habitual: the psychology of 'habit-formation' and general practice. British Journal of General Practice, 62(605), 664–666. https://doi.org/10.3399/bjgp12X659466
- Lally, P., van Jaarsveld, C. H. M., Potts, H. W. W., & Wardle, J. (2010). How are habits formed: Modelling habit formation in the real world. European Journal of Social Psychology, 40(6), 998–1009. https://doi.org/10.1002/ejsp.674
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सेहत के लिए सबसे आसान अच्छी आदत कौन-सी है? वह आदत जो आपके दिन के किसी तय काम से जुड़ सके, जैसे सुबह की चाय के बाद एक गिलास पानी या रात के खाने के बाद 10 मिनट टहलना।
नई आदत बनने में कितना समय लगता है? UCL के अध्ययन में किसी आदत के अपने-आप होने लगने में औसतन (मीडियन) 66 दिन लगे, लेकिन अलग-अलग लोगों में यह 18 से 254 दिन तक रहा।
क्या एक साथ कई आदतें शुरू करनी चाहिए? नहीं। एक छोटी आदत से शुरू करें। जब वह बिना सोचे होने लगे, तब अगली जोड़ें।
अगर एक दिन छूट जाए तो क्या फिर से शुरू करना होगा? नहीं। शोध में एक बार छूटने से आदत बनने की प्रक्रिया पर ख़ास असर नहीं पड़ा। अगले दिन फिर से वही काम करें।